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Saturday, 14 April 2012

UP TET KI BHARTI MAI MERIT KI NIYAMAWALI IS TARAH SE BANAI JAI

UP TET KI BHARTI MAI UP BORAD SE PASS LOGO KI PRATHMIKTA DI JAI YA UNHE EXTRA WETEGE DI JAI YA SABHI BORADO KI CERTIFICATE KO ALAG ALAG KARKE SABKI ALAG ALAG MERIT BANAI JAI SABHI TET PASS KO TATKAL JOB DI JAI USKE BAD NAYI TET EXAM KI JAI YE EXAM 5 YEARS MAI EK BAAR HO TAB TAK PURANE TET PASS KI BHARTI SUNACHIT KI JAI AUR MERIT AGE KI BHI BANAI JAI JIS SE JINKI AGE KHATM HO RAHI HO UNHE PAHLE NOKRI DI JAI TAB IS U.P. KA AUR YAHAN KE STUDENT KA BHALA HOGA JAIHIND

जुलाई में भरे जाएंगे शिक्षकों के डेढ़ लाख पद!

बेसिक शिक्षा विभाग में रिक्त पद भरने को शुरू हुई पहल
सर्व शिक्षा अभियान ने शासन को सौंपी रिपोर्ट, सीएम करेंगे फैसला
इलाहाबाद। कोई तकनीकी अड़चन न आई तो पूरे तीन बरस बाद जुलाई में बेसिक शिक्षा विभाग को एक लाख 52 हजार नए शिक्षक मिल जाएंगे। रिक्त पड़े पदों पर भर्ती के लिए जो प्रस्ताव है, उसके मुताबिक जून के अंत तक आवेदन जमा किए जाएंगे और जुलाई में काउंसलिंग होगी। विभाग ने इसके लिए बेसिक तैयारी भी कर ली है। सर्व शिक्षा अभियान ने जिलेवार रिक्तियों का ब्योरा तैयार किया है, साथ ही यह भी कि शिक्षकों की कमी से कितने विद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित हुई, कितने स्कूल खुल नहीं सके। विभाग ने रिपोर्ट में टिप्पणी की है कि प्राइमरी स्कूलों में सामान्य तरीके से पढ़ाई के लिए तत्काल एक लाख 52 हजार शिक्षकों की जरूरत है। 
रिक्तियों और भर्ती से जुड़ी यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री की पहल पर तैयार की गई है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विभाग के साथ हुई पिछली बैठक में रिक्तियों का विस्तृत ब्योरा बनाने के निर्देश दिए थे। मसलन, स्कूलों में बच्चों की संख्या के अनुपात में किन जिलों में कितने शिक्षकों की जरूरत है, तत्काल कितने शिक्षक रखे जाने जरूरी हैं, प्रशिक्षित शिक्षा मित्रों से कितने पद भरे जा सकते हैं। यह भी कि टीईटी सफल अभ्यर्थियों के चयन का आधार क्या हो और भर्ती से जुड़े जो मामले न्यायालय में लंबित हैं, उनकी स्थिति क्या है। रिपोर्ट तैयार करने वाले सर्व शिक्षा अभियान के बड़े अधिकारियों का कहना है कि एक लाख 52 हजार पदों पर भर्ती का जो ब्योरा तैयार किया गया है, उसे सभी विभागीय विवादों से अलग रखने की कोशिश की गई है। नाम न छापने की शर्त पर अधिकारी ने बताया कि निकाय चुनाव के कारण कोई तकनीकी अड़चन न आई तो 20 जुलाई तक शिक्षकों का चयन कर लिया जाएगा। 
निदेशालय के जिम्मेदार अधिकारियों ने बताया कि रिपोर्ट मुख्यमंत्री की पहल पर तैयार की गई है और उन्हें ही भेज दी गई है। इस बारे में फिलहाल कुछ बोलने की छूट नहीं है लेकिन संभावना है कि अगले दस दिन में इसका प्रारूप घोषित कर दिया जाएगा।
Story Update : Monday, April 14, 2012    1:48 PM

बीटीसी में 5500 नई सीटों पर होंगे दाखिले!


प्रदेश के कई डायट और प्राइवेट कालेजों में सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव
अब तक प्राइवेट कालेजों में केवल 50 सीटों पर होता है प्रवेश
इलाहाबाद। नेशनल काउंसिल ऑफ टीचर्स एजुकेशन (एनसीटीई) की तरफ से कोई तकनीकी सवाल न उठाए गए और मुख्यमंत्री ने बीटीसी संस्थानों की मान्यता को लेकर कोई बड़ा उलटफेर न किया तो प्राइमरी स्कूलों में मास्टरी का सपना संजो रहे युवाओं को बड़ी राहत मिल सकती है। पिछले साल की बीटीसी चयन प्रक्रिया में जिन्हें कम मेरिट के कारण मौका नहीं मिला, उन्हें इस बार निराश नहीं होना पड़ेगा। सब प्रारूप के मुताबिक रहा तो अबकी प्रदेश में 5500 नई सीटों पर बीटीसी के दाखिले होंगे। मुख्यमंत्री की पहल पर बीटीसी संस्थानों में चयन के लिए जो प्रारूप तैयार किया जा रहा है, उसमें 5500 सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव है।
प्रदेश में पहले से चल रहे बीटीसी कालेजों में ज्यादातर को अधिक सीटों पर दाखिले की अनुमति मिलने की संभावना है। इसके अलावा कई जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में भी सीटें बढ़ाई जाएंगी। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बेसिक शिक्षा विभाग, एससीईआरटी के अधिकारियों के साथ बैठक में निर्देश दिए थे कि बीटीसी संस्थानों की पड़ताल की जाए और छात्रों की सुविधा के लिए क्या हो सकता है, इसका ब्योरा दें।
सीएम के निर्देश के बाद नए सत्र में दाखिले के लिए जो प्रस्ताव तैयार किया गया है, उसमें प्राइवेट संस्थानों को और अधिक सीटें देने की संस्तुति है। संस्थानों के स्थलीय निरीक्षण को पहुंची टीम ने रिपोर्ट दी है कि पर्याप्त संसाधन, प्रशिक्षित स्टाफ और स्थान के मामले में कई संस्थान कुछ डायट्स पर भारी हैं। संस्थानों के कागजात की जांच करने निदेशालय पहुंचे एनसीटीई उत्तरी क्षेत्र के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जून के तीसरे हफ्ते में इन सीटों के बारे में लिखित अनुमति दी जा सकती है। उसके बाद जून के आखिरी हफ्ते या जुलाई के पहले हफ्ते में चयन प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।

Story Update : Wednesday, April 14, 2012    1:46 PM

यूपी सरकार प्रशिक्षित बीटीसी अभ्यर्थियों की कर रही उपेक्षा


उत्तर प्रदेश सरकार की अनदेखी की वजह से वर्ष 2004 बैच एवं ऊर्दू बीटीसी 2006 बैच के प्रशिक्षित बीटीसी अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। इस सम्बंध में बीटीसी अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर विधानसभा के सामने तीन दिवसीय धरना शुरू किया है।
बीटीसी 2004 बैच और ऊर्दू बीटीसी 2006 बैच के अभ्यर्थी 12 अप्रैल से ही विधानसभा के सामने धरना दे रहे हैं। यह धरना 14 अप्रैल तक चलेगा।
उत्तर प्रदेश प्रशिक्षित बीटीसी संघर्ष समिति के प्रदेश संयोजक प्रभाकर सिंह ने बताया, ''शासन और विभाग के निर्णयों के लम्बित होने के कारण पिछले सात वर्षों से हम अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं लेकिन हमारी सुनवायी नहीं हो रही है। हम अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गयी। इस बार भी मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को अपनी मांगों के संदर्भ में ज्ञापन सौंपा जाएगा।''
उन्होंने बताया कि 2004 बैच के लगभग 70 फीसदी अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्राथमिक विद्यालयों में की जा चुकी है, जबकि करीब 30 फीसदी लोग आज भी अपनी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। सिंह ने कहा कि हमारी मांग है कि बीटीसी 2004 और विशिष्ट बीटीसी 2007-08 बैच एवं ऊर्दू बीटीसी 2006 के प्रशिक्षितों की नियुक्ति प्रक्रिया पर लगी रोक हटाते हुए उनकी नियुक्ति सुनिश्चित की जाए।
 
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UPTET STAY TILL 30-4-2012


Court No. - 33
Case :- WRIT - A No. - 76039 of 2011
Petitioner :- Yadav Kapildev Lal Bahadur
Respondent :- State Of U.P. & Others
Petitioner Counsel :- Alok Kumar Yadav,Rajesh Yadav
Respondent Counsel :- C.S.C.,K.S. Kushwaha
Hon'ble Arun Tandon,J.
In view of the order of the Division Bench of this Court dated
06.04.2012 passed in Appeal (Defective) No. 280 of 2012, let all
these matters be listed as the first case at 2 PM under the heading
of case for hearing on 30th April, 2012.
Interim order, if any, to continue till the next date of listing.
Order Date :- 13.4.2012

Shekhar

इलाहाबाद : इलाहाबाद हाईकोर्ट में सहायक अध्यापकों की भर्ती पर लगी रोक पर सुनवाई अब 30 अपै्रल को होगी। यह मामला न्यायमूर्ति अरुण टण्डन की अदालत में चल रहा है। मालूम हो कि सहायक अध्यापकों के भर्ती के लिए जारी विज्ञापन की वैधता को चुनौती दी गयी है। कहा गया कि जारी विज्ञापन को बेसिक शिक्षा परिषद ने जारी किया है, जबकि विज्ञापन बेसिक शिक्षा अधिकारी को विज्ञापन जारी करना चाहिये, क्योंकि बीएसए ही नियुक्ति प्राधिकारी है। न्यायालय ने पूर्व में ही स्थगन आदेश पारित किया था, यह विज्ञापन टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए थी।

Thursday, 12 April 2012

http://www.allahabadhighcourt.in/image/titleEN.gif


HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD

Case Status - Allahabad

Pending
Writ - A : 76039 of 2011 [Varanasi]
Petitioner:YADAV KAPILDEV LAL BAHADUR
Respondent:STATE OF U.P. & OTHERS
Counsel (Pet.):ALOK KUMAR YADAV
Counsel (Res.):C.S.C.
Category:Service-Writ Petitions Relating To Primary Education (teaching Staff) (single Bench)-Appointment
Date of Filing:21/12/2011
To Be Listed on:16/04/2012 in Court No. 33
This is not an authentic/certified copy of the information regarding status of a case. Authentic/certified information may be obtained under Chapter VIII Rule 30 of Allahabad High Court Rules. Mistake, if any, may be brought to the notice of OSD (Computer).
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टीईटी निरस्त करने पर नहीं बनी सहमति


लखनऊ। मुख्य सचिव जावेद उस्मानी की अध्यक्षता मेंबुधवार को हुई हाई पावर कमेटी की बैठक में शिक्षकपात्रता परीक्षा (टीईटी) 2011 को निरस्त किया जाने पर निर्णय नहीं हो सका। बैठक में यह तय किया गया कि रमाबाई नगर पुलिस कोे जांच के लिए टीईटी से संबंधित जो भी दस्तावेज की जरूरत हो, उसे उपलब्ध करा दिया जाए। मुख्य सचिवइस संबंध में फिर 18 अप्रैल को बैठक करेंगे। बताया जाता है कि इस संबंध में रमाबाई नगर पुलिस की जांच रिपोर्ट कोयदि आधार माना गया तो टीईटी को निरस्त करने की संस्तुति की जा सकती है।
बैठक में सबसे पहले रमाबाई नगर की पुलिस की ओर से इस संबंध में की गई जांच रिपोर्ट रखी गई। रिपोर्ट के मुताबिक टीईटीमें अंक बढ़ाने के लिए सुनियोजित तरीके से गिरोहबनाकर धांधली को अंजाम दिया गया। पुलिस को नई दिल्ली स्थित परीक्षा परिणाम बनाने वाली कंपनी एसके डेटा प्रिंटर के यहां छापेमारी के दौरान 4500 ऑसर शीट ऐसे मिले हैं जिसे फ्ल्यूड लगाकर अंक बढ़ाए गए हैं। जांच के दौरान धांधली के अन्य कई सुबूत भी मिले हैं। बैठक में तय किया गया कि टीईटी से जुड़े अन्य दस्तावेजों के साथ अधिकारियों को 18 अप्रैलको बुलाया जाए, इसके बाद कमेटी कोई निर्णय करेगी।
गौरतलब है कि मायावती सरकार ने यूपी में 72 हजार 825 शिक्षकों की भर्ती के लिए टीईटी आयोजित कराने की जिम्मेदारी माध्यमिक शिक्षा परिषद को दी थी। टीईटी रिजल्ट आने के बाद दिसंबर में अंक बढ़ाए जाने का खुलासा हुआ था। इस संबंध में रमाबाई नगर पुलिस ने तत्कालीन माध्यमिक शिक्षा निदेशक संजय मोहन को गिरफ्तार करलिया था। टीईटी पास अभ्यर्थी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलकर इस संबंध में निर्णय लेने काअनुरोध किया था। मुख्यमंत्री ने आश्वासन देते हुए कहा कि इस संबंध में न्याय संगत निर्णय किया जाएगा और मुख्य सचिवकी अध्यक्षता में हाई पावर कमेटी बना दी थी।
हाईकोर्ट में काउंटर लगाएगी सरकार
लखनऊ। टीईटी मामले में गिरफ्तार तत्कालीन माध्यमिक शिक्षा निदेशक संजय मोहन की जमानत पर हाईकोर्ट में 23 अप्रैल को सुनवाई है। सचिव बेसिकशिक्षा सुनील कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को हुई रिव्यू बैठक में तय किया गया कि विभाग इसके पहले अपना काउंटर दाखिल कर देगा।

Source- Amar Ujala
12-4-2012

टीईटी पर शासन की सधी चाल

लखनऊ, 11 अप्रैल (जागरण ब्यूरो) : मुख्य सचिव जावेद उस्मानी की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति ने बुधवार को अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) और उससे जुड़ी 72,825 शिक्षकों की भर्ती से संबंधित पहलुओं पर प्रारंभिक चर्चा की। मुख्य सचिव ने समिति के सदस्यों से टीईटी और शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से जुड़े नियम कायदे और इनमें बरती गईं विसंगतियों की जानकारी हासिल की। यह भी तय हुआ किइस विषय पर चर्चा करने के लिए 18 अप्रैल को फिर बैठक बुलायी जाए। समिति को अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को देनी है। बैठक में मुख्य सचिव को टीईटी के संदर्भ में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की अधिसूचना और प्रदेश में टीईटी के आयोजन के संदर्भ में राज्य सरकार के शासनादेशों से अवगत कराया गया। टीईटी के प्रश्नपत्र में कथित गड़बडि़यों को लेकर अभ्यर्थियों की दायर याचिकाओं और उन पर कोर्ट के निर्देश की भी उन्हें जानकारी दी गई। टीईटी के परीक्षा परिणामों में संशोधनों से भी उन्हें वाकिफ कराया गया। बैठक में मौजूद प्रमुख सचिव गृह आरएम श्रीवास्तव और पुलिस महानिदेशक एसी शर्मा ने टीईटी के परीक्षा परिणाम में की गई धांधली और तत्कालीन माध्यमिक शिक्षा निदेशक संजय मोहन और कुछ अन्य लोगों की संलिप्तता के बारे में मुख्य सचिव को बताया। उन्होंने पुलिस विवेचना के तथ्यों से भी मुख्य सचिव को अवगत कराया। बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि टीईटी और उससे जुड़ी शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया के बारे में जो भी निर्णय लेना है, उसके सभी पहलुओं पर और गंभीरता से विचार कर लिया जाए। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि यदि परीक्षा को निरस्त करने का फैसला किया जाता है तो उसके लिए पुख्ता आधार क्या होंगे। इस बात पर भी मंथन हुआ कि यदि नए सिरे से परीक्षा करानी पड़े तो सुधार के लिहाज से पुरानी प्रक्रिया में क्या संशोधन अपेक्षित होंगे। इस संभावना पर भी विचार विमर्श हुआ कि यदि टीईटी को निरस्त किया जाता है तोक्या अभ्यर्थी अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं। ऐसे अभ्यर्थियों की अनुमानित संख्या पर भी चर्चा हुई। अफसरों ने इस पर भी चर्चा की कि टीईटी और शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को निरस्त करनेकी स्थिति में यदि सरकार को अदालत में अपने पक्ष काबचाव करना पड़ा तो कोर्ट में उसकी दलील क्या होगी। बैठक में मुख्य सचिव के अलावा प्रमुख सचिव आरएम श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव न्याय जेडयू खान, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एसी शर्मा, सचिव बेसिक शिक्षा सुनील कुमार और सचिव माध्यमिक शिक्षा जितेंद्र कुमार भी मौजूद थे।

Source- Jagran

12-4-2012


at  

Sunday, 11 March 2012

Join Uttar Pradesh Teacher Eligibility Test News: Unemployed Allowance : Huge Crowd comes for Regist...

Join Uttar Pradesh Teacher Eligibility Test News: Unemployed Allowance : Huge Crowd comes for Regist...: रोजगार कार्यालय में उमड़े बेरोजगार (Unemployed Allowance : Huge Crowd comes for Registration in Employed Exchange ) मेरठ : सू बे में सप...